Posts

Showing posts from 2026

जिम के 'सेल्फी' योद्धा

  जिम के 'सेल्फी' योद्धा: वर्कआउट या फोटोशूट? ​आजकल जिम जाना 'फिटनेस' के बारे में कम और 'कंटेंट क्रिएशन' के बारे में ज़्यादा हो गया है। पहले लोग पसीना बहाने जाते थे, अब लोग 'लाइटिंग' चेक करने जाते हैं। ​जैसे ही आप जिम के अंदर कदम रखते हैं, आपको लोहे की आवाज़ कम और "क्लिक-क्लिक" की आवाज़ ज़्यादा सुनाई देती है। ​द 'मिरर' माफिया (शीशे के सुल्तान) ​जिम में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका वर्कआउट सिर्फ एक ही चीज़ के इर्द-गिर्द घूमता है— शीशा । ​ये लोग डंबल उठाते कम हैं, उसे हाथ में पकड़कर पोज़ ज़्यादा देते हैं। ​एक बाइसेप कर्ल मारेंगे, और फिर 5 मिनट तक शीशे में ऐसे देखेंगे जैसे उनकी बॉडी में अचानक से 'हल्क' की आत्मा घुस गई हो। ​भाई, अभी तो तूने सिर्फ 2 किलो का डंबल उठाया है, इतनी जल्दी तो नसों में खून भी नहीं पहुंचा, तू 'एब्स' कहाँ ढूंढ रहा है? ​'प्री-वर्कआउट' सेल्फी का नाटक ​सबसे खतरनाक प्रजाति वो है जो जिम के गेट पर ही रुक जाती है। ​हाथ में 'शेकर' (Shaker) होगा जिसमें गुलाबी या नीले रंग का पानी होग...

कागज़ वाला स्ट्रॉ

Image
 कागज़ वाला स्ट्रॉ: कछुए बच रहे हैं या मेरा दिमाग फट रहा है? सुनो, मुझे पर्यावरण से प्यार है। मैं चाहता हूँ कि ग्लेशियर्स सलामत रहें और समुद्र का पानी एकदम साफ हो। लेकिन क्या हम उस मानसिक प्रताड़ना के बारे में बात कर सकते हैं जिसे दुनिया "पेपर स्ट्रॉ" (Paper Straw) कहती है? पेपर स्ट्रॉ से कोल्ड कॉफी पीना कोई 'ईको-फ्रेंडली' फैसला नहीं है। ये अपनी बेइज्जती कराने का एक धीमा और गीला तरीका है। कागज़ के स्ट्रॉ का 'दुखद' सफर  * पहला मिनट: पूरा जोश! स्ट्रॉ एकदम कड़क है। आप खुद को 'इको-वॉरियर' समझते हैं। आपको लगता है, "आज तो मैंने धरती बचा ली!"  * पांचवां मिनट: स्ट्रॉ की हिम्मत जवाब देने लगती है। उसका ऊपर का हिस्सा गीले अखबार जैसा दिखने लगता है।  * दसवां मिनट: अब ये स्ट्रॉ नहीं रहा। ये एक गीली लुगदी बन चुका है। आप ड्रिंक नहीं पी रहे, आप एक मरे हुए कागज़ के टुकड़े को 'माउथ-टू-माउथ' रेस्पिरेशन दे रहे हैं। स्वाद और बनावट का 'अत्याचार' 700 रुपये की कॉफी पीते वक्त जब वो गीला कार्डबोर्ड आपकी जीभ से टकराता है, तो ऐसा लगता है जैसे आप अपनी पुरा...